|
Rishi Voice 23 February, 2012 |
|
सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए, क्योंकि...
सुंदरकांड एकमात्र ऐसा अध्याय है जो भक्त की विजय का कांड है।
Published On: 2011-12-14 01:58:07
|
|
कर्म - फैमिली लाइफ
जब भी कोई काम करें तो यह अनुमान पहले ही लगा लें कि इससे आपकी इस जायदाद पर तो कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा।
Published On: 2011-10-08 01:05:49
|
|
क्रोध - प्रोफेशनल लाइफ
एक साथ जीने का प्रयास करेंगे तो दोनों ही का रस और आनंद खराब करेंगे।
Published On: 2011-10-04 11:04:04
|
|
हमारे दुख का असली कारण...
हमने योजनाएं तो बनाई लेकिन भविष्य में ऐसा ही होगा, जैसा हम सोच रहे हैं, यह मानना गलत है।
Published On: 2011-10-03 11:15:04
|
|
प्रेम का रिश्ता मन से हो, देह से नहीं
प्रेम में अपनी मर्यादाएं बनाएं रखें, विश्वास भी हमेशा कायम रहे। तभी प्रेम, प्रेम बना रहता है।
Published On: 2011-09-30 05:43:52
|
|
मंजिल पानी हो तो ऐसे करें रास्ता तय...
अगर किसी एक मार्ग से लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल हो तो हमें लक्ष्य नहीं उसे पाने के मार्ग को बदलने के बारे में सोचना चाहिए।
Published On: 2011-09-29 04:09:06
|
|
भीतर का ज्ञान
दो-चार दिन साथ में रहकर उसे लगा कि यह बूढ़ा संन्यासी विशेष ज्ञानी नहीं है।
Published On: 2011-09-28 02:26:57
|
|
सुखी जीवन के लिए लम्बी सफलता का लक्ष्य बनाएं
अपने सपने को चुराने वाले को पहचानें और उसे हटाएं या समाप्त करें।
Published On: 2011-09-27 12:13:54
|
|
सादगी कॊ कमजॊरी न समझॆ
सादगी का मतलब कमजोरी से कतई नहीं लगाया जा सकता बल्कि यह आपके चरित्र को और निष्ठा को दर्शाती है।
Published On: 2011-09-26 04:28:51
|
|
बुरा सोचेंगे तो बुरा ही होगा
दुर्घटना की आशंका करके हम उसे बल प्रदान करते हैं।
Published On: 2011-09-24 12:57:56
|
|
निराशा में खुशी की रचना करना सीखें
दोषारोपण का खेल या गलती खोजने की आदत सिर्फ आपको तुच्छ बनाती है।
Published On: 2011-09-23 12:37:52
|
|
समय के साथ चलॆ
बदलाव के लिए समय के साथ चलना जरूरी
Published On: 2011-09-22 12:42:46
|
|
अहंकार
किसी भी बातका अहंकार न हो ।
Published On: 2011-09-21 01:15:05
|
|
गीता है जीवन का सार
कंपनियों में भी काम करना एक कला है और मैनेजमेंट के गुरों में गीता ज्ञान छिपा हुआ है।
Published On: 2011-09-17 05:01:59
|
|
गुरूवार व्रत कथा
वृहस्पतिवार के व्रत में चने की दाल और मुनक्का से विष्णु भगवान का केले की जड़ में पूजन करें तथा दीपक जलाएं, व्रत कथा सुनें और पीला भोजन ही करें. इससे वृहस्पतिदेव प्रसन्न होते हैं
Published On: 2011-09-15 05:11:17
|
|
The world is coming to an end !!!
everything on Earth and in the sky exists to assist you in figuring out your spiritual destiny
Published On: 2011-08-19 01:23:43
|
|
जाप, साधना और अनुष्ठान
जाप से जो विद्युत प्रवाह संचित होता है वह आसन ना होने से धरती में समा जाता है।
Published On: 2011-08-18 02:44:03
|
|
जाप या कीर्तन
आत्मज्ञान से परमपद की इच्छा है तो श्री गोविन्द का कीर्तन करो।
Published On: 2011-08-11 04:20:37
|
|
पुरानी सभ्यताएं भी रहीं क्रिस्टल की मुरीद
आज भी पृथ्वी के बहुत अंदर पिघली हुई चट्टानों का मैगमा भरा हुआ है
Published On: 2011-08-02 01:34:33
|
|
मनकामना और कामाख्या: जिसने मांगा उसने पाया
मृत्यु लोक में इससे उत्तम कोई तीर्थ नहीं है जहां गन्धर्वों सहित देवगण तथा ब्रहम्मादि श्रेष्ठ देवता प्रतिदिन आकर भक्तिपूर्वक पूजा करते हैं
Published On: 2011-07-30 04:36:20
|
|
|