बल्लभगढ़: कोरोना ने बिगाड़ा खिलाड़ियों खेल, 2 सालों से मेहनत पर फिर रहा पानी

बल्लभगढ़। खेल जगत में देश व प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी इन दिनों मायूम हो चुके हैं। कोरोना ने पिछले दो सालों से इन खिलाड़ियों की मेहनत पर पानी फेरा हुआ है। पिछले काफी समय से विभिन्न खेलो में अपनी काबलियत दिखाने वाले खिलाड़ी दिन-रात मेहनत कर रहे थे, लेकिन एक बार फिर प्रतिस्पर्धा नही होने के चलते इन्हें मायूस कर दिया है। चाहे यूथ खेलो इंडिया की बात हो या फिर आल इंडिया शूटिंग चैम्पनशिप की बात हो। अब खिलाड़ी बार-बार यहीं मांग कर रहे हैं कि उनकी प्रतिस्पर्धा किसी तरह हो जाए।

खेलो इंडिया का आयोजन फरवरी 2022 हरियाणा में होना था, इधर, आल इंडिया शूटिंग चैम्पयिनशिप भी फरवरी माह में ही होनी थी, लेकिन कोरोना के चलते सभी प्रतिस्पधाओं को स्थगित कर दिया गया। जिस कारण खिलाडी बेहद परेशान हो रहे हैं।

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अनमोल जैन, अंर्तराष्ट्रीय शूटर : अनमोल जैन ने बताया कि ऑल इंडिया शूटिंग चैम्पियनशिप फरवरी माह में होनी थी। जिसके लिए काफी समय से दिन-रात मेहनत की जा रही थी, लेकिन एक बार फिर कोरोना ने चैम्पियनशिप पर ब्रेक लगा दिया है। इससे पहले भी पिछले दो सालों से अनेको राष्ट्रीय व अंर्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं कोरोना के चलते रद्द हो गई, जिस कारण बेहद परेशानी हो रही है।

भाग्य सिंहमार, राष्ट्रीय खिलाड़ी लॉग टेनिस : यूथ खेलो इंडिया में उम्मीद थी कि अवश्य ही चयन हो जाएगा, लेकिन ट्रायल ही नहीं हुई। पिछले काफी समय से दिन-रात मेहनत कर रहे थे, लेकिन कोरोना ने पूरे मेहनत को खराब कर दिया। हालांकि मेहनत तो कर रहे हैं, लेकिन मैच कब शुरू होते हैं, यह बेहद परेशान कर रहा है। सरकार को चाहिए किसी तरह खेलो के आयोजन को कराए, ताकि उनका भविष्य खराब नही हो।

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तरूण दीक्षित, तीरअंजादी खिलाड़ी : तरूण दीक्षित का कहना है कि तीरअंदाजी काफी महंगा खेल है। पिछले काफी समय से दिन-रात मेहनत कर रहे थे कि और उसका आल इंडिया यूनिवर्सटी के लिए चयन हो गया था, लेकिन कोरोना के चलते प्रतिस्पर्धा को स्थगित हो गई। अब प्रतिस्पर्धा कब होगी, इसे लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अट्टा, एथलीट, निवासी फरीदाबाद : खेलो इंडिया में हिस्से लेने के लिए पिछले काफी समय से दिन रात मेहनत कर रहे थे। ट्रायल भी हो चुके हैं, लेकिन खेलो इंडिया स्थगित कर दिए गए हैं। अब काफी परेशानी हो रही है कि इतने की मेहनत एकाएक खराब हो गई। सरकार को चाहिए किसी तरह प्रतिस्पर्धाओं को अवश्य ही कराए, ताकि उनका भविष्य खराब नही हो।

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धर्मेद्र, कोच, एथलिट : खेलो इंडिया हो फिर राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय स्तर की काफी प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेने के लिए खिलाड़ी तो तेयार हो रहे हैं, लेकिन कोरोना बच्चों की मेहनत पर रोक लगा देता है। प्रतिस्पर्धाओंं के नही होने से बच्चों का मनोबल गिरने लगता है और वह प्रेटिक्स भी ठीक ढंग से नहीं कर पा रहे हैं।

राकेश सिंह, शूटिंग कोच : शूटिंग में अंर्तराट्रीय ट्रायल व आल इंडिया यूनिवर्सटी चैम्पियशिप होनी थी,लेकिन कोरोना ने सभी खराब कर दिया। सरकार को इस मामले में कुछ न कुछ अवश्य ही सोचना चाहिए, ताकि खिलाडियों के भविष्य खराब नही हो।

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