फरीदाबाद: 15वीं मंजिल से कूदकर छात्र ने दी जान, DPS की टीचर के खिलाफ केस दर्ज

ग्रेटर फरीदाबाद के डीपीएस स्कूल प्रबंधन की अनदेखी और कथित तौर पर छात्रों के चिढ़ाने से परेशान होकर 10वीं कक्षा के एक छात्र ने सेक्टर-80 स्थित डिस्कवरी सोसाइटी की 15वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। गुरुवार रात करीब 9 बजे हुई इस घटना से सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया है। बीपीटीपी थाना पुलिस ने मृतका की मां आरती की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर एक टीचर और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया है। उधर, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से छात्र तनावग्रस्त था। उसका इलाज भी चल रहा था।

ग्रेटर फरीदाबाद की डिस्कवरी सोसाइटी में रहने वाली टीचर आरती का वर्ष 2006 में अपने पति से तलाक हो गया था। वह अपने 16 वर्षीय बेटे आरवी का अकेले ही उसका पालन-पोषण कर रही थीं। गुरुवार रात करीब 9 बजे आरती किसी काम से अपने पिता के पास गई थीं। आरवी घर पर अकेला था। उसने 15वीं मंजिला सोसाइटी की छत पर चढ़कर छलांग लगा दी। सोसाइटी में तेज आवाज सुनकर सोसाइटी के लोग वहां दौड़कर पहुंचे और तुरंत उसे समीप के अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पड़ोसियों ने आरती को फोन पर इसकी सूचना दी।

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आरवी दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) ग्रेटर फरीदाबाद का छात्र था। उसकी मां आरती भी करीब आठ साल से इसी स्कूल में टीचर है। इस घटना के बाद से सोसाइटी में मातम पसरा हुआ है। छात्र की मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस ने सुसाइड नोट किया बरामद

आरती को अपने घर में टेबल पर आरवी का लिखा एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला। उसने लिखा है कि स्कूल प्रबंधन के चलते वह आत्महत्या करने को मजबूर है। उसमें हेड मिस्ट्रेस ममता गुप्ता के नाम का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को बरामद कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट में अपनी मां को दुनिया की सबसे अच्छी मां बताया। आरती का कहना है कि इस बारे में उन्होंने स्कूल प्रबंधन को ईमेल से शिकायत भी दी थी। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस कारण आरवी डिप्रेशन का शिकार हो गया। दिल्ली से उसका इलाज चल रहा था। आरती ने बताया कि 23 फरवरी को आरवी की विज्ञान की परीक्षा थी। एक सवाल के लिए उसने हेड मिस्ट्रेस ममता गुप्ता से मदद मांगी। आरोप है कि ममता गुप्ता ने आरवी को डांट दिया और कहा कि वह बीमारी का फायदा उठा रहा है। इससे वह बहुत ज्यादा तनाव में आ गया।

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बच्चे की आखिरी निशानी देख बिलख पड़ी मां आरती

मां आरती का रो-रोकर बुरा हाल है। उसका कहना है कि स्कूल की हेड मिस्ट्रेस ममता गुप्ता ने उसके बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। सुसाइड नोट में उसके बेटे ने स्कूल प्रबंधन पर भी आरोप लगाया है। सुसाइड नोट को देख उसकी मां ने कहा कि यह उसके बेटे की आखिरी निशानी है। वह पिछले आठ महीने से बहुत परेशान था। क्या मेरे बच्चे को इंसाफ मिलेगा? यह कहते हुए मृतक की मां बिलख पड़ी। मृतक के परिजनों ने कहा कि उसने कई बार कहा था कि वह स्कूल से बहुत परेशान है। पिछले साल मार्च में भी कुछ बच्चों ने उसे प्रताड़ित किया था। उसके बाद से ही वह डिप्रेशन का शिकार था।

बीपीटीपी थाना प्रभारी अर्जुन देव ने कहा कि सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया है। सुसाइड नोट और मृतक की मां आरती के बयान पर ममता गुप्ता और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुसाइट नोट को जांच के लिए भिजवाया जाएगा।

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डीपीएस ग्रेटर फरीदाबाद स्कूल के प्रिंसिपल सुरजीत खन्ना ने कहा कि छात्र की मौत का बहुत दुख है। हमारा स्कूल हमेशा विद्यार्थियों को सहयोग करता है। आरवी के मामले में भी स्कूल ने हमेशा उसका हौसला बढ़ाया है। आरवी के कुछ स्वास्थ्य संबंधी निजी कारण थे, जिनकी वजह से वह काफी तनावग्रस्त था। उसका इलाज भी चल रहा था परंतु इस दुख की घड़ी में हम परिवार के साथ हैं। हम भी यही चाहते हैं कि निष्पक्ष तरीके से जांच हो और जो सच है, वह सामने आए। स्कूल हर संभव मदद के लिए हमेशा तैयार है।

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